कलेक्टर सुश्री बाफना ने एफ.एल.एन. मेले का निरीक्षण किया
शिक्षकों और समुदाय के सहयोग से ‘हर बच्चा निपुण’ अभियान को मिली नई दिशा
शाजापुर, 30 अक्टूबर 2025/ मिशन अंकुर के अंतर्गत जिले की सभी प्राथमिक शालाओं में आज मिशन अंकुर के अंतर्गत एफ.एल.एन. (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) मेले का आयोजन किया गया।
कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने प्राथमिक विद्यालय रिंगनीखेड़ा में एफ.एल.एन. मेले का निरीक्षण कर बच्चों के साथ संवाद किया। छात्रों ने हिंदी और अंग्रेज़ी की कहानियाँ पढ़कर सुनाईं और अपनी पठन क्षमताओं का प्रदर्शन किया। बच्चों के द्वारा गणित विषय की दक्षता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर ने बच्चों और शिक्षकों की सहभागिता की सराहना की।
कलेक्टर ने कहा कि “एफ.एल.एन. मेला केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों की सीख, अभिभावकों की भागीदारी और ग्राम समुदाय के सहयोग से शिक्षा को जन-सहयोग अभियान का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जब शिक्षक, अभिभावक और समुदाय एक साथ कार्य करते हैं, तभी ‘हर बच्चा निपुण’ और ‘हर विद्यालय विकसित’ बन सकता है। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों से विद्यालयों में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। विद्यालय की स्वच्छता, शौचालय, पेयजल, बिजली, सुरक्षा बाउंड्री, वृक्षारोपण और खेल क्षेत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। साथ ही शिक्षकों से अपेक्षा की गई कि वे विद्यालयों में ट्रैकर और शिक्षक संदर्शिका का प्रभावी उपयोग करें और अभ्यास पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नियमित रूप से करें, ताकि बच्चों को सीखने में समय पर सहायता और सुधार मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की गुणवत्तापूर्ण सीख ही जिले के विकास का आधार है, और सामूहिक प्रयासों से ही निपुण भारत – विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षताओं को मजबूत करना रहा। मेले में अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और बच्चों की सीखने की प्रगति को करीब से देखा। आयोजन में कुल छह दक्षतागत स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें बच्चों का पंजीयन, शारीरिक विकास, बौद्धिक विकास, भाषा विकास, गणित की पूर्व तैयारी, और बच्चों का कोना शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की दक्षता के अनुसार रिपोर्ट कार्ड तैयार कर अभिभावकों को साझा किए गए। यह एफ.एल.एन. मेले का प्रथम चरण रहा, जिसके पश्चात दो और चरण आयोजित किए जाएंगे। जिले और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को विभिन्न शालाओं में अवलोकन के लिए भेजा गया, जहाँ उन्होंने कार्यक्रम की समीक्षा की। समुदाय, जनपद पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों और पंचों ने भी विद्यालयों में पहुँचकर मेले में भाग लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
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