लोक अदालत में करोड़ों रुपए के अवार्ड पारित ना कोई हारा ना कोई जीता, फिर भी हर चेहरे पर छाई खुशियां

लोक अदालत में करोड़ों रुपए के अवार्ड पारित

 ना कोई हारा ना कोई जीता, फिर भी हर चेहरे पर छाई खुशियां

  राधेश्याम देवड़ा    

शाजापुर/ विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026 वार शनिवार को जिला न्यायालय, शाजापुर एवं तहसील न्यायालय शुजालपुर में किया गया। जिसका शुभांरभ मुख्य न्यायाधिपति महोदय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के द्वारा नेशनल लोक अदालत का उ‌द्घाटन वर्चुअल मोड के माध्यम से प्रातः 10:00 बजे से लाईव प्रसारण किया गया। शुभारंभ के इस इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत श्री अंजनी नंदन जोशी, श्री अवधेश कुमार गुप्ता प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, जिला न्यायाधीशगण शाजापुर, जिला न्यायाधीशगण शाजापुर, श्री जितेन्द्र कुमार पाराशर, श्री दिनेश कुमार नोटिया, श्री गिर्राज प्रसाद गर्ग, श्री दिलीप सिंह, श्रीमती रंजीता राव सोलंकी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुनयना श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्रीमती नमिता बौरासी, व्यवहार न्यायाधीशगण श्रीमती प्रेमलता जितेन्द्र गोयल, श्रीमती अनुष्का शर्मा, श्री धीरज आर्य, श्रीमती शिखा शर्मा जिला विधिक सहायता अधिकारी न्यायालय के अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण, बैंक, विधुत विभाग, नगर पालिका के अन्य अधिकारी कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। 

    शुभारंभ के पश्चात श्री आनंद कुमार तिवारी प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर ने उपस्थित जन सामान्य से कहा कि लोक अदालत हर नागरिक के लिए न्याय प्राप्त करने का सुगम व सुलभ साधन है। लोक अदालत एक ऐसी जगह है, जहां विवाद के समाधान की प्रक्रिया में पक्षकार खुद ही भाग लेता है और विवाद का समाधान भी खुद तय करते हैं। लोक अदालत में प्रिलिटिगेशन, पोस्टलिटिगेशन, को चिहिन्त कर समझाइश के प्रयास किए जिसके फलस्वरूप विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, बैंको, बीमा कंपनियों से जुड़े मामलों के साथ कई अन्य प्रकरण समझाइश कर राजीनामे के जरिए कई केसों का निराकरण किया। नेशनल लोक अदालत में कुल 1175 प्रकरणों को सुलझाया।

    आज आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक 69, सिविल 3, मोटर दुर्घटना क्लेम 12, विद्युत 36, चेक बाउंस 114, वैवाहिक 29, अन्य 66 प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी 41. विद्युत 189, जलकर 278. सम्पत्तिकर 293, बीएसएनएल के 04, ट्राफिक चालान 41 से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर हल हुए। लोक अदालत के दौरान एक प्रेरणादायी प्रकरण भी सामने आया। खंडपीठ क्रमांक-01 के पीठासीन अधिकारी श्री आंनद कुमार तिवारी के समक्ष एक युवा दंपती के मध्य घरेलू विवाद का मामला आया, जिसमें पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे थे। लोक अदालत में समझाइश के पश्चात दोनों के मध्य समझौता हुआ और वे पुनः साथ रहने के लिए तैयार हो गए। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार तिवारी ने दंपती को भविष्य के सुखद एवं खुशहाल जीवन की शुभकामनाएँ दीं। समझौते के उपरांत पति-पत्नी ने एक-दूसरे को फूलमाला पहनाकर अपने पुनर्मिलन की खुशी व्यक्त की। नेशनल लोक अदालत की सफलता में सहयोग देने पर प्रशासन के साथ ही पुलिस विभाग, बार एसोसिएशन कोर्ट कर्मचारियों का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने धन्यवाद ज्ञापित किया

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