राधेश्याम देवड़ा

चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विस फॉर चिल्ड्रन स्कीम पर
दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
शाजापुर, 27 दिसम्बर 2024/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर के मुख्य आतिथ्य में एवं सचिव श्री सिराज अली के विशिष्ट आतिथ्य में 26 एवं 27 दिसम्बर 2024 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर सभागार में "बच्चों के लिए बाल अनुकूल विधिक सेवाएं एवं संरक्षण योजना 2024 पर जन जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर ने बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं नव संचालित योजना से संबंधित विभिन्न कानूनी पहलुओं पर अपनी बातों से नवगठित कानूनी सेवा इकाई के सदस्य को प्रशिक्षित किया। साथ ही बाल मित्रवत विधिक सेवा योजना के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने में गांव स्तर पर समाज के कमजोर वर्ग के सदस्यों को कानूनी सहायता प्रदान करने वाले पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि यह जानकारी विशेष रूप से समाज के कमजोर और अंतिम पक्ती में खडे परिवारों और उन लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए जो सामाजिक मुख्यधारा का हिस्सा नहीं हैं।
जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सिराज अली ने बताया कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए मामलों में बाल कल्याण समिति और किशोर बोर्ड निर्णय लेती है। बच्चों के पुनर्वास के संबंध में आगे बताया कि बच्चों को परिवार आधारित देखभाल उनकी प्राथमिक आवश्यकता है साथ ही पीड़ित बच्चों को बाल मैत्रीपूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए एक निःशुल्क कानूनी सहायता इकाई का गठन किया गया है, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर शाजापुर में कार्यरत है जहां बच्चे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को भी विधिक सेवा उपलब्ध कराएं जाने का प्रावधान किया गया है।
ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक डॉ. स्वाती चौहान प्रिसिंपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड शाजापुर के द्वारा बच्चों के हित से संबंधित हितधारकों को विधि का उल्लंघन और देखभाल के योग्य बालकों के मामले में बाल कल्याण समिति किशोर न्याय बोर्ड, बाल न्यायालय, बाल गृहों तथा बाल पुलिस की भूमिका के बारे में प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के प्रशिक्षक श्री फारूक अहमद सिद्दीकी जिला विधिक सहायता अधिकारी ने चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विस फॉर चिल्ड्रन स्कीम अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों को कानूनी सेवाएं देखभाल एवं सुरक्षा से संबंधित गृह सीडब्यूसी, अपराध के शिकार गुमशुदा / तस्करी किए गए बच्चों ओर बाल श्रम से बचाएं गए बच्चों के लिए पुलिस स्टेशन की भूमिका के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक श्री इन्दर सिंह गामी के द्वारा बच्चों के संदर्भ में कानूनी और नीतिगत ढांचे के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण के अंतिम समापन के अवसर पर श्रीमती नेहा जयसवाल के द्वारा वन स्टॉफ सेंटर की योजना के बारे में सभी को प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर सेवा निवृत्त न्यायाधीश श्री महेशनचन्द्र जैन व अन्य विधिक सेवा ईकाई के समस्त सदस्यगण, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालेन्टियर्स तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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