दान की परंपरा भारतीयों की विशेषता है – मंत्री श्री परमार
प्रकृति के संरक्षण में सभी जन आगे आएं और प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का प्रण लें- मंत्री श्री परमार
शिविर में 35 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ








राधेश्याम देवड़ा की रिपोर्ट
शाजापुर, 08 जनवरी 2025/ दान की परंपरा भारतीयों की विशेषता है। भारतीयों की तरह दान जैसा सेवाभाव अन्य किसी देश में देखने को नहीं मिलता है। प्रकृति से हमें हवा, पानी, ऊर्जा जैसे जीवन के मुख्य तत्व प्राप्त होते हैं, इसलिये हम सबकी जवाबदारी है कि प्रकृति को प्रदुषित होने से बचाएं, इसके संरक्षण के लिए काम करें। यह बात प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने आज स्वर्गीय श्री मनोहरसिंह जादौन की जन्म जयंती पर गोलाना के स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में संपन्न हुए रक्तदान शिविर एवं कम्बल वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। शिविर में 35 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ और जरूरतमंदों को कम्बलों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, श्री अशोक नायक, श्री योगेन्द्रसिंह जादौन बंटी बना, श्री लोकेन्द्र सिंह आरोलिया, श्री विजय सिंह बैस, श्री धीरेन्द्र सिंह जादौन, श्री महेन्द्र गोवा, श्री भगवतसिंह मण्डलोई, श्री सूरजसिंह सिसोदिया, श्री चन्दरसिंह मेवाड़ा, श्री बाबुलाल, श्री मांगीलाल सौराष्ट्रीय, अनुविभागीय अधिकारी गोलाना श्री सत्येन्द्र प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारतीयों में दान देने की परंपरा है। यहां सक्षम व्यक्ति दान देकर पुण्य-लाभ प्राप्त करता है। जरूरतमंद लोगों के जीवन बचाने के लिए शिविर में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को मंत्री श्री परमार ने धन्यवाद एवं बधाई दी और प्रमाण पत्र भी वितरित किये। मंत्री श्री परमार ने रक्तदान एवं कम्बल वितरण शिविर के आयोजक श्री योगेन्द्र सिंह जादौन एवं श्री शुभम ठाकुर को धन्यवाद दिया। उन्होंने स्वर्गीय मनोहर सिंह जादौन को श्रृद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री जादौन की स्मृति में किये जा रहे जनसेवा के कार्य सराहनीय है। इस अवसर पर मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्लॉस्टिक से अनेक बीमारियां होती है, वही पर्यावरण भी प्रदुषित होता है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि प्रकृति को बचाने के लिए प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। सभी जन सामाजिक एवं व्यक्तिगत कार्यक्रमों में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का प्रण लें और इसकी शुरूआत अपने घरों से करें। इसी तरह उन्होंने कहा कि हम पानी बना नहीं सकते, केवल हम पानी बचा सकते हैं। इसलिये
हम सबको पानी का उपयोग सीमित करना होगा और जल संरक्षण की दिशा में आगे बढ़कर वर्षा के जल को जमीन में उतारने के लिए प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की मंशा है कि आमजन को अच्छे स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कों जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिले, इसके लिए सतत् कार्य किये जा रहे हैं। इसी तरह प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार विकास कार्यों की सौगाते दे रहे हैं। इसके पूर्व मंत्री श्री परमार ने कार्यक्रम स्थल स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में पौधारोपण भी किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सिसोदिया, श्री अशोक नायक एवं श्री बंटी बना ने भी संबोधित किया।
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